Close Menu
    What's Hot

    9 Advantages Of Choosing Ready-To-Move Villas in Whitefield For Hassle-Free Living

    May 19, 2026

    Your Step-by-Step Guide to A Smooth Tattoo Removal Journey

    May 15, 2026

    How Game Features Make Gameplay More Interactive

    May 14, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    SmileyWorldz.com
    • Home
    • English
    • Hindi
    • Images
    • Quotes
    • Shayari
    • Status
    • Wishes
    Facebook X (Twitter) Instagram
    SmileyWorldz.com
    Home » Gulzar Shayari
    Shayari

    Gulzar Shayari

    LukasBy LukasFebruary 24, 2024Updated:February 14, 2025No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter Pinterest Telegram LinkedIn Tumblr WhatsApp Email
    Gulzar Shayari in Hindi
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Telegram Email

    Gulzar Shayari: Gulzar sahab is one of the most popular writer in India. Also, the best filmmakers and lyricists. Gulzar Sahab Writes Thousand of Beautiful Ghazal, Shayari, Poetry, Quotes, Alfaaz, and Poems in Hindi & Urdu. Her words touch everyone’s heart. Today we have Collected some heart-touching Shayari’s of Gulzar Sahab.

    गुलज़ार साहब एक महान लेखक हैं. उनके द्वारा लिखी शायरी, ग़ज़ल दिल को छू जाती है, यहाँ पर हमने ऐसी ही गुलज़ार साहब के द्वारा लिखी हुई कुछ लोकप्रिय शायरियों को एकत्रित किया है जो आपको बहुत पसंद आएँगी।

    Gulzar Shayari

    नजर भी ना आऊं
    इतना भी दूर ना करो मुझे,
    पूरी तरह बदल जाऊं
    इतना भी मजबूर मत करो मुझे..

    आइने के सामने खड़े होकर
    खुद से ही माफी मांग ली मैंने,
    सबसे ज्यादा अपना ही दिल दुखाया है
    औरों को खुश करते करते..

    दिल तो रोज़ कहता है
    कि तुम्हे कोई सहारा चाहिए,
    फिर दिमाग कहता है
    क्यों तुम्हे धोखा दुबारा चाहिए..

    हंसना मुझे भी आता था
    पर किसी ने रोना सिखा दिया,
    बोलने में माहिर हम भी थे
    किसी ने चुप रहना सिखा दिया..

    कोई रंग नही होता
    बारिश के पानी में,
    फिर भी फिजा को रंगीन
    बना देती है..

    इतने बुरे नही थे
    जितने इल्ज़ाम लगाए लोगों ने,
    कुछ किस्मत खराब थी
    कुछ आग लगाई लोगों ने..

    बहुत कम लोग हैं
    जो मेरे दिल को भाते हैं,
    और उससे भी बहुत कम हैं
    जो मुझे समझ पाते हैं..

    गुस्सा भी क्या करूं तुम पर
    तुम हंसते हुए बेहद अच्छे लगते हो !

    दोस्ती रूह में उतरा हुआ
    रिश्ता है साहब,
    मुलाकातें कम होने से
    दोस्ती कम नही होती..

    मुकम्मल इश्क से ज्यादा तो चर्चे
    अधूरी मोहब्बत के होते हैं !

    गुलजार की शायरी दर्द भरी

    Best Gulzar Shayari

    इश्क़ की तलाश में
    क्यों निकलते हो तुम,
    इश्क़ खुद तलाश लेता है
    जिसे बर्बाद करना होता है।

    तू समझता क्यूं नही है
    दिल बड़ा गहरा कुआँ है
    आग जलती है हमेशा
    हर तरफ धुआँ धुआँ है

     Beautiful Gulzar Shayari lyrics

    तुझ से बिछड़ कर
    कब ये हुआ कि मर गए,
    तेरे दिन भी गुजर गए
    और मेरे दिन भी गुजर गए.

    एक बीते हुए रिश्ते की
    एक बीती घड़ी से लगते हो
    तुम भी अब अजनबी से लगते हो

    Hindi Gulzar Shayari on Life

    आऊं तो सुबह,
    जाऊं तो मेरा नाम शबा लिखना,
    बर्फ पड़े तो
    बर्फ पे मेरा नाम दुआ लिखना

    प्यार में अज़ीब ये रिवाज़ है,
    रोग भी वही है जो इलाज है.

    4 Line Gulzar Shayari in Hindi

    वो शख़्स जो कभी
    मेरा था ही नही,
    उसने मुझे किसी और का भी
    नही होने दिया.

    जाने कैसे बीतेंगी
    ये बरसातें
    माँगें हुए दिन हैं,
    माँगी हुई रातें.

    Famous Gulzar Shayari Zindagi

    सालों बाद मिले वो
    गले लगाकर रोने लगे,
    जाते वक्त जिसने कहा था
    तुम्हारे जैसे हज़ार मिलेंगे.

    ऐसा कोई ज़िंदगी से वादा तो नही था
    तेरे बिना जीने का इरादा तो नही था.

    Heart Touching Gulzar Shayari on yaadein

    जब भी आंखों में अश्क भर आए
    लोग कुछ डूबते नजर आए
    चांद जितने भी गुम हुए शब के
    सब के इल्ज़ाम मेरे सर आए

    वो बेपनाह प्यार करता था मुझे
    गया तो मेरी जान साथ ले गया

     Gulzar Shayari on Mohabbat

    जिन दिनों आप रहते थे,
    आंख में धूप रहती थी
    अब तो जाले ही जाले हैं,
    ये भी जाने ही वाले हैं.

    इस दिल में बस कर देखो तो
    ये शहर बड़ा पुराना है
    हर साँस में कहानी है
    हर साँस में अफ़साना है

    जबसे तुम्हारे नाम की
    मिसरी होंठ लगाई है
    मीठा सा गम है,
    और मीठी सी तन्हाई है.

    कोई वादा नही किया लेकिन
    क्यों तेरा इंतज़ार रहता है
    बेवजह जब क़रार मिल जाए
    दिल बड़ा बेकरार रहता है

    Behatareen Gulzar’s poetry

    वक्त कटता भी नही
    वक्त रुकता भी नही
    दिल है सजदे में मगर
    इश्क झुकता भी नही

    धीरे-धीरे ज़रा दम लेना
    प्यार से जो मिले गम लेना
    दिल पे ज़रा वो कम लेना

    एक बार जब तुमको बरसते पानियों के पार देखा था
    यूँ लगा था जैसे गुनगुनाता एक आबशार देखा था
    तब से मेरी नींद में बसती रहती हो
    बोलती बहुत हो और हँसती रहती हो.

    दबी-दबी साँसों में सुना था मैंने
    बोले बिना मेरा नाम आया
    पलकें झुकी और उठने लगीं तो
    हौले से उसका सलाम आया

    गुलज़ार शायरी हिंदी में

    खून निकले तो ज़ख्म लगती है
    वरना हर चोट नज़्म लगती है.

    उड़ते पैरों के तले जब बहती है जमीं
    मुड़के हमने कोई मंज़िल देखी तो नही
    रात दिन हम राहों पर शामो सहर करते हैं
    राह पे रहते हैं यादों पे बसर करते हैं

    इतना लंबा कश लो यारो,
    दम निकल जाए
    जिंदगी सुलगाओ यारों,
    गम निकल जाए

    वो चेहरे जो रौशन हैं लौ की तरह
    उन्हें ढूंढने की जरूरत नही
    मेरी आँख में झाँक कर देख लो
    तुम्हें आइने की जरूरत नही

    मेरे उजड़े उजड़े से होठों में
    बड़ी सहमी सहमी रहती है जबाँ
    मेरे हाथों पैरों में खून नही
    मेरे तन बदन में बहता है धुँआ

    वक्त सालों की धुंध से
    निकल जायेगा
    तेरा चेहरा नज़र से
    पिघल जायेगा

    वो शाम कुछ अजीब थी,
    ये शाम भी अजीब है
    वो कल भी पास पास थी
    वो आज भी करीब है

    जीना भूले थे कहां याद नहीं!
    तुमको पाया है जहाँ
    सांस फिर आई वहीं

    क्यूं बार बार लगता है मुझे
    कोई दूर छुपके तकता है मुझे
    कोई आस पास आया तो नही
    मेरे साथ मेरा साया तो नही

    तुम मिले तो क्यों लगा मुझे,
    खुद से मुलाकात हो गई
    कुछ भी तो कहा नही मगर,
    ज़िंदगी से बात हो गई

    Gulzar Shayari on Life

    शिकायत और दुआ में जब
    एक ही शख्श हो,
    समझ लो इश्क़ करने
    की अदा आ गई तुम्हे।

    खता उनकी भी नहीं
    यारो वो भी क्या करते,
    बहुत चाहने वाले थे
    किस किस से वफ़ा करते ?

    आइना देख कर तसल्ली हुई,
    हम को इस घर में जानता है कोई।

    ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा,
    क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा।

    आप के बाद हर घड़ी हम ने,
    आप के साथ ही गुज़ारी है।

    बेशूमार मोहब्बत होगी उस
    बारिश की बूँद को इस ज़मीन से,
    यूँ ही नहीं कोई मोहब्बत
    मे इतना गिर जाता है!

    तुम्हे जो याद करता हूँ,
    मै दुनिया भूल जाता हूँ।
    तेरी चाहत में अक्सर,
    सभँलना भूल जाता हूँ

    अगर कसमें सब होती,
    तो सबसे पहले खुदा मरता !

    मुझसे तुम बस मोहब्बत
    कर लिया करो,
    नखरे करने में वैसे भी
    तुम्हारा कोई जवाब नहीं !

    हाथ छुटे तो भी रिश्ते
    नहीं छोड़ा करते,
    वक़्त की शाख से रिश्ते
    नहीं तोड़ा करते !

    Sad Shayari >>


    • See Also:
    • Love Shayari
    • Life Shayari
    • Two Line Shayari
    • Good Night Shayari
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Lukas

    Related Posts

    Sad Shayari for Girls

    March 29, 2025

    Nafrat Shayari

    December 29, 2024

    Diwali Shayari

    August 3, 2024

    Mahadev Shayari

    May 17, 2024

    Allama Iqbal Shayari

    April 29, 2024

    Kumar Vishwas Shayari

    April 15, 2024
    Leave A Reply Cancel Reply

    Top Reviews
    Editors Picks

    9 Advantages Of Choosing Ready-To-Move Villas in Whitefield For Hassle-Free Living

    May 19, 2026

    Your Step-by-Step Guide to A Smooth Tattoo Removal Journey

    May 15, 2026

    How Game Features Make Gameplay More Interactive

    May 14, 2026

    Key Benefits of Real Estate Consulting for Smarter Decision-Making

    May 14, 2026
    Advertisement
    Demo
    © 2026 Smileyworldz.com
    • Contact us
    • About Us
    • Our Authors

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.