Alone Shayari: Hello दोस्तों आप सभी का स्वागत है आज की हमारी इस पोस्ट Alone Shayari (अलोन शायरी) में। इस पोस्ट में आपको देखने को मिलेंगी एक से बढ़कर एक बेहतरीन अकेलापन शायरी स्टेटस (Alone Shayari Status) इमेजेज के साथ। यह 2025 का Best Collection है जिसमे आपको Two Line Alone Sad Shayari, Status, Alone Shayari on Love Life etc.. देखने को मिलेंगी जिन्हें आप आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं और अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स पर शेयर कर सकते हैं।
Alone Shayari Images

जानता पहले से था मैं,
लेकिन एहसास अब हो रहा है,
अकेला तो बहुत समय से हूं मैं,
पर महसूस अब हो रहा है..!!

बर्बादियों का हसीन एक
मेला हूँ मैं,
सबके रहते हुए भी बहुत
अकेला हूँ मैं..!!

तू उदास मत हुआ कर
इन हजारों के बीच,
आख़िर चांद भी अकेला
रहता हैं सितारों के बीच..!!

कितनी अजीब है इस शहर
की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई
उस जैसा नहीं है..!!

तुम से बिछड़ के कुछ
यूँ वक़्त गुज़ारा,
कभी ज़िंदगी को तरसे
कभी मौत को पुकारा..!!

तन्हाई में चलते चलते
अब पैर लडखडा रहे हैं,
कभी साथ चलता था कोई,
अब अकेले चलें जा रहे हैं..!!

आज कुछ ज़िन्दगी में कमी है तेरे बगैर,
ना रंग है ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त चल रहा है अपनी ही रफ़्तार से,
बस थम गयी है धड़कन एक तेरे बगैर।

क्या हूँ मैं और क्या समझते हैं,
सब राज़ नहीं होते बताने वाले,
कभी तन्हाइयों में आकर देखना,
कैसे रोते है सबको हंसाने वाले..!!

कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हें,
हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तुम्हें,
काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें,
हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें..!!

आगोश में ले लो मुझे बहुत अकेला हूँ मैं,
बसा लो दिल की धड़कन में अकेला हूँ मैं,
जो तुम नहीं जिंदगी में तो फिर कुछ नहीं,
समा जाओ मुझमें… कि अकेला हूँ मैं..!!
Alone Shayari

नफ़रतों के शहर में अकेला सा हूँ
मैं, मुझे अच्छे लोगों कि नहीं,
अच्छे वक़्त कि तलाश है..!!????????

ख़ामोश चेहरे पर लाखों
पहरे होते हैं,
हंसती हुई आंखों में जख्म
बड़े गहरे होते हैं..!!????????

दिल में जलन आंखों में तूफान है,
हमेशा खुश रहने वाला शख्स
आज बहुत परेशान है..!!
????????

मालूम है मुझे वो ना मेरी थी
ना कभी होगी,
बस इक शौक था उसके “पीछे”
जिंदगी बर्बाद करने की..!!????????

आँखें थक गई है आसमान को
देखते देखते,
पर वो तारा नहीं टूटता,
जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ.????????

कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम,
तुम्हारे बगैर
अगर तुम देख लेते तो,
कभी तन्हा न छोड़ते मुझे !????????

छिपाकर दर्द अपना रोज मौत
के करीब हो रहा हूं
तेरे लौट आने के इंतजार में
आज भी रो रहा है !!????????

पता है मुझे तुम किसी और की
नसीब हो ! पर इस पागल दिल
को कौन बताए, जो सिर्फ तुम्हारा
ही इंतजार करता है !!!????????

हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद आता है।

काश तू समझ सकती मोहब्बत के
उसूलों को किसी की साँसों में
समाकर उसे तन्हा नहीं करते !
????????????
अलोन शायरी हिंदी में

मुझको मेरी तन्हाई से अब शिकायत नहीं है,
मैं पत्थर हूँ मुझे खुद से भी मोहब्बत नहीं है..!!
????????????
नफ़रतों के शहर में अकेला सा हूँ मैं,
मुझे अच्छे लोगों कि नहीं,
अच्छे वक़्त कि तलाश है..!!
ख़ामोश चेहरे पर लाखों पहरे होते हैं,
हंसती हुई आंखों में जख्म बड़े गहरे होते हैं..!!

तन्हाई रही साथ ता-जिंदगी मेरे,
शिकवा नहीं कि कोई साथ न रहा..!
????????
दिल में जलन आंखों में तूफान है,
हमेशा खुश रहने वाला शख्स
आज बहुत परेशान है..!!
मालूम है मुझे वो ना मेरी थी ना कभी होगी,
बस इक शौक था उसके “पीछे”
जिंदगी बर्बाद करने की..!!

आदत बदल गई है वक्त काटने की,
हिम्मत ही नही होती दर्द बांटने की।
????????
आँखें थक गई है आसमान को देखते देखते,
पर वो तारा नहीं टूटता,
जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ.
कैसे गुजरती है मेरी हर एक शाम,
तुम्हारे बगैर अगर तुम देख लेते तो,
कभी तन्हा न छोड़ते मुझे !
❣️????????

टूटे हुए काँच की तरह चकनाचूर हो गए,
किसी को चुभ न जाएं इसलिए दूर हो गए।????????
छिपाकर दर्द अपना रोज मौत के
करीब हो रहा हूं तेरे लौट आने के
इंतजार में आज भी रो रहा है !!
????????????
पता है मुझे तुम किसी और की नसीब हो !
पर इस पागल दिल को कौन बताए,
जो सिर्फ तुम्हारा ही इंतजार करता है !!! ????????????

उदास तो बहुत रहे
मगर कभी जाहिर नही किया,
ठीक हूं, बस इस लफ्ज़ ने
सब संभाल लिया।????????
हर तन्हा रात में एक नाम याद आता है,
कभी सुबह कभी शाम याद आता है,
जब सोचते हैं कर लें दोबारा मोहब्बत,
फिर पहली मोहब्बत का अंजाम याद
आता है।????????????
काश तू समझ सकती मोहब्बत के
उसूलों को किसी की साँसों में
समाकर उसे तन्हा नहीं करते !
????????????

कुछ कर गुजरने की चाह में
कहाँ-कहाँ से गुजरे,
अकेले ही नजर आये हम जहाँ-जहाँ
से गुजरे..!!????????
एक बार कहा होता हम
किसी और के भी है,
खुदा कसम हम तेरे साए से भी दूर रहते । ????????????
कर दिया आजाद उनको ।
जो हमारे दिल में रहकर ।
दूसरों के ख्वाब देखते थे। ????????????

एक वो था बदल गया,
एक मैं था बिखर गया,
एक वक्त था गुजर गया।
????????????
वादों से बंधी जंजीर थी जो तोड़ दी मैंने,
अब से जल्दी सोया करेंगे,
मोहब्बत छोड़ दी मैंने। ????????????
टूट कर मत चाहना किसी को,
दोस्तों जान जान कहने वाले अक्सर
बेजान कर देते हैं। ????????????

जैसे कोई बच्चा
रोते रोते थककर सो जाता है,
हमारे दिल का हाल अक्सर कुछ
ऐसा ही हो जाता है।????????
साथ होकर भी साथ ना रहना
बात ना करना इश्क में
इससे बड़ी सजा और क्या होगी..!! ????????????
आज कुछ अजनबी सा अपना वजूद साथ हैं
सब मगर दिल क्यों अकेला लगता है,
सा लगता है ! ????????????

जिन से खत्म हो जाती हैं उम्मीदें,
उनसे फिर शिकायत नही रहती ।
????????????
उसे पाना उसे खोना उसी के हिज्र में रोना,
यही गर इश्क है तो हम तन्हा ही अच्छे हैं..!!
कितना भी दुनिया के लिए हँस के जी लें हम,
रुला देती है फिर भी किसी की कमी कभी-कभी।

हजारों महफिलें हैं
और लाखों मेले है,
पर जहाँ तुम नही वहां हम
अकेले हैं।????????
जानता पहले से था मैं,
लेकिन एहसास अब हो रहा है,
अकेला तो बहुत समय से हूं मैं,
पर महसूस अब हो रहा है..!!
Alone Shayari Attitude
बर्बादियों का हसीन एक मेला हूँ मैं,
सबके रहते हुए भी बहुत अकेला हूँ मैं..!!
तू उदास मत हुआ कर इन हजारों के बीच,
आख़िर चांद भी अकेला रहता हैं सितारों के बीच..!!
कितनी अजीब है इस शहर की तन्हाई भी,
हजारों लोग हैं मगर कोई उस जैसा नहीं है..!!
तुम से बिछड़ के कुछ यूँ वक़्त गुज़ारा,
कभी ज़िंदगी को तरसे कभी मौत को पुकारा..!!
तन्हाई में चलते चलते
अब पैर लडखडा रहे हैं,
कभी साथ चलता था कोई,
अब अकेले चलें जा रहे हैं..!!
आज कुछ ज़िन्दगी में कमी है तेरे बगैर,
ना रंग है ना रौशनी है तेरे बगैर,
वक़्त चल रहा है अपनी ही रफ़्तार से,
बस थम गयी है धड़कन एक तेरे बगैर।
क्या हूँ मैं और क्या समझते हैं,
सब राज़ नहीं होते बताने वाले,
कभी तन्हाइयों में आकर देखना,
कैसे रोते है सबको हंसाने वाले..!!
कभी पहलू में आओ तो बताएँगे तुम्हें,
हाल-ए-दिल अपना तमाम सुनाएँगे तुम्हें,
काटी हैं अकेले कैसे हमने तन्हाई की रातें,
हर उस रात की तड़प दिखाएँगे तुम्हें..!!
आगोश में ले लो मुझे बहुत अकेला हूँ मैं,
बसा लो दिल की धड़कन में अकेला हूँ मैं,
जो तुम नहीं जिंदगी में तो फिर कुछ नहीं,
समा जाओ मुझमें… कि अकेला हूँ मैं..!!
तू नहीं तो ये नजारा भी बुरा लगता है,
चाँद के पास सितारा भी बुरा लगता है,
ला के जिस रोज छोड़ा है तूने भंवर में मुझे,
मुझे दरिया का किनारा भी बुरा लगता है..!!
तुझसे दूर जाने के बाद तन्हा तो हूँ लेकिन,
तसल्ली बस इतनी सी है,
अब कोई फरेब साथ नहीं..!!

